Abstract

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विज्ञान भैरव में प्रत्यभिज्ञा और मोक्ष का अन्तर्सम्बन्ध : एक दार्शनिक विश्लेषण

Author : Shivam Singh & Dr. Jeetendra Yadav

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प्रस्तुत शोध पत्र कश्मीर शैव दर्शन के महत्वपूर्ण ग्रंथ विज्ञान भैरव तंत्र के प्रत्यभिज्ञा और मोक्ष के अन्तर्सम्बन्ध पर केंद्रित है। कश्मीर शैव दर्शन के दो मुख्य विचार प्रत्यभिज्ञा और मोक्ष को केंद्र में रखते हुए विज्ञान भैरव की 112 धारणाओं का दार्शनिक विश्लेषण किया गया है। प्रस्तुत शोध में विज्ञान भैरव की धारणाओं को विविध उपायों (आणवोपाय, शाक्तोपाय, शाम्भवोपाय, अनुपाय) में रखकर उसकी परीक्षा की गई है तथा विज्ञान भैरव में प्रत्यभिज्ञा का स्वरूप, अवधारणा तथा ये धारणाएं (112) प्रत्यभिज्ञा से संबंधित हैं या नहीं, यदि सम्बन्धित हैं तो किस प्रकार हैं, पूरक हैं अथवा विरोधी हैं इस विषय का भी विश्लेषण किया गया है। सभी धारणाएं मोक्ष से ही संबंधित हैं फिर भी वे किस प्रकार भिन्न-भिन्न साधकों के लिए भिन्न-भिन्न रूप में प्रदर्शित होती हैं इस पर भी इस शोध पत्र में चर्चा की गई है, और इसी के साथ प्रत्यभिज्ञा तथा मोक्ष के अन्तर्सम्बन्धों का भी विश्लेषण किया गया है। साथ ही कश्मीर शैव दर्शन में उपस्थित उपाय त्रय और उनके प्रत्यभिज्ञा तथा मोक्ष से संबंध पर भी चर्चा की गई है। प्रस्तुत शोध पत्र की शोध पद्धति विश्लेषणात्मक है, जिसमे प्राथमिक, द्वितीयक दोनों प्रकार के ग्रंथों की सहायता ली गई है।