Abstract
'विकसित भारत' 2047 के लिए वित्तीय समावेशन और सतत समृद्धि
Author : डॉ॰ सरिता भारती एवं डॉ॰ विनोद कुमार
Abstract
2047 तक 'विकसित भारत' (Viksit Bharat @ 2047) के विजन को साकार करने में वित्तीय समावेशन और सतत समृद्धि सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इसका उद्देश्य भारत की स्वतंत्रता के 100वें वर्ष तक देश को एक विकसित, समावेशी और आर्थिक रूप से मजबूत राष्ट्र बनाना है, जहाँ हर नागरिक के पास वित्तीय सेवाओं तक पहुँच हो और विकास पर्यावरण के अनुकूल हो। विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये शासन, अर्थव्यवस्था, कृषि, शिक्षा और प्रौद्योगिकी में साहसिक सुधारों की आवश्यकता है। ये परिवर्तनकारी उपाय समावेशी विकास, वैश्विक प्रतिस्पर्द्धात्मकता, सतत् विकास को बढ़ावा देंगे और भारत की विश्वगुरु के रूप में वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति को मज़बूत करेंगे। चूँकि भारत 2047 में अपनी स्वतंत्रता की 100वीं वर्षगाँठ मनाने की तैयारी कर रहा है,जिसके लिए सभी क्षेत्रों में परिवर्तनकारी सुधारों के माध्यम से राष्ट्र को 30 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की विकसित अर्थव्यवस्था में परिवर्तित करना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई "विकसित भारत 2047" पहल, भारत को 2047 में स्वतंत्रता की शताब्दी तक एक पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने के लिए एक परिवर्तनकारी दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। यह शोध विकसित भारत के रणनीतिक ढांचे का गहन विश्लेषण करता है, जिसमें सशक्त भारतीय, समृद्ध और सतत अर्थव्यवस्था, विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार, सुशासन और वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका तथा इस महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण के प्रमुख चालक के रूप में समावेशी आर्थिक भागीदारी, नवाचार और मानव पूंजी विकास की आवश्यकता पर बल देता है। सरकारी नीतियों, विधायी ढांचों और रणनीतिक पहलों की जांच करके, उपरोक्त लक्ष्य के सामने आने वाली चुनौतियों और अवसरों को उजागर करता है। इनमें आर्थिक असमानताओं का समाधान, बुनियादी ढांचे में सुधार, सतत प्रथाओं को बढ़ावा देना और पारदर्शी शासन सुनिश्चित करना शामिल है। डिजिटल परिवर्तन, विशेष रूप से डिजिटल इंडिया पहल के अंतर्गत, विकास और समावेशन के उत्प्रेरक के रूप में इसकी भूमिका का भी विश्लेषण किया गया है। यह शोध विकसित भारत के दृष्टिकोण को प्राप्त करने में सार्वजनिक-निजी सहयोग के महत्व को भी रेखांकित करता है। एक व्यापक विश्लेषण के माध्यम से, इस अध्ययन का उद्देश्य नीति निर्माताओं, हितधारकों और विद्वानों को 2047 की ओर भारत की विकास यात्रा के जटिल परिदृश्य को समझने के लिए एक मार्ग प्रदान करना है।
