Abstract

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लैंगिक समानता, लैंगिक विकास विकसित भारत एक संकल्पना

Author : डॉ० सविता राजन

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लिंग शब्द से तात्पर्य जैविक (Biological) जननिक (Genetic) तथा भौतिक (Physical) विशेषताओं से संदर्भित है, आज विश्व में लैंगिक समानता और महिलाओं के अधिकार महत्वपूर्ण विषय हैं, लिंग से अभिप्राय जैविक अंतरों से है लैंगिक समानता का अर्थ स्त्री, पुरुष को समान रूप सेअधिकारों, संसाधनों, अवसरों, जिम्मेदारियां तक समान पहुंच प्राप्त हो। सतत विकास लक्ष्य 5 (SDG5) संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 17 लक्ष्यों में से एक 2030 तक सभी महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ भेदभाव और हिंसा को समाप्त करना है। जब हम पुरुष के सापेक्ष महिलाओं की स्थिति का आकलन करते हैं यह संकेत समावेशी, न्याय संगत और संतुलित मानव विकास की वास्तविक प्रगति को प्रतिबंधित करते हैं। बेटी बचाओ बेटीपढ़ाओ, प्रधानमंत्री जनधन योजना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, लखपति दीदी पहल, स्टैंड अप इंडिया योजना 2016, महिला ई- हाट 2016 योजनाएं लैंगिक समानता, लैंगिक विकास की ओर बढ़ता कदम है। महिलाओं का उत्तम स्वास्थ्य, उत्तम शिक्षा, सुदृढ़ आर्थिक स्थिति, शासन में महिलाओं की बढ़ती पहुंचने विकसित भारत की एक संकल्पना को साकार रूप प्रदान किया है।