Abstract
रचनात्मक अर्थव्यवस्था (Orange Economy): विकसित भारत की ओर एक कदम
Author : डॉ किरण एवं डॉ सविता
Abstract
विकसित भारत को मूर्त रूप देने में आर्थिक वृद्धि के साथ सामाजिक सांस्कृतिक नवाचार मानव पूंजी वह सतत विकास जैसे तत्वों का विकास होना भी आवश्यक है। विकसित भारत के ढांचे में रचनात्मक अर्थव्यवस्था का अत्यधिक महत्व है क्योंकि रचनात्मकता के साथ ही ज्ञान कला संस्कृति वह वैदिक बौद्धिक संपदा के नवाचार उत्पन्न होते हैं। विकसित अर्थव्यवस्था के लिए रचनात्मक अर्थव्यवस्था का साथ होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यशोदा पत्र ऑरेंज इकोनॉमी के संबंध में अवसरों चुनौतियां बस संभावित नीतियों पर अपने विचार प्रस्तुत करता है।
