Abstract

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विकासखंड मुसाफिरखाना और पंचायती राज व्यवस्था: दशा तथा दिशा (विकसित भारत@2047 की संकल्पना के विशेष संदर्भ में)

Author : रेखा श्रीवास्तव एवं डॉ शक्ति कुमार

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हम जानते हैं कि ग्रामीण सुशासन की धुरी के रूप में पंचायती राज संस्थाओं का अत्यंत ही महत्वपूर्ण स्थान है| जहां विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों को साकार करने हेतु इनका सुदृढ़ीकरण आवश्यक शर्त है| प्रस्तुत शोध पत्र विकसित भारत की संकल्पना के संदर्भ में जनपद-अमेठी में स्थित विकासखंड मुसाफिरखाना में पंचायती राज व्यवस्था के आधुनिक स्वरुप, दशा और दिशा व ग्रामीण सतत विकास में इसके प्रभाव का अनुभवजन्य विश्लेषणात्मक अध्ययन करने का प्रयास करता है और इस तथ्य की खोज करता है कि आखिरकार स्थानीय स्वशासन के माध्यम से यह कैसे आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय दोनों को ही धरातल पर उतारने के लिए प्रयत्नशील है तथा कैसे एक सशक्त पंचायती राज व्यवस्था, विकसित भारत@2047 के संकल्पना को साकार करने में ‘मील का पत्थर’ सिद्ध हो सकता है, इस तथ्य का भी संधान करता है तथा इस महत्वपूर्ण धारणा का भी विश्लेषण करता है कि कैसे स्थानीय स्वशासन के माध्यम से राष्ट्रीय विकास के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सकता है|