Abstract
विकसित भारत@2047: आर्थिक विकास और सामाजिक विषमता
Author : डॉ रवीश कुमार सिंह
Abstract
“विकसित भारत@2047: आर्थिक विकास और सामाजिक विषमता” विषय पर आधारित यह शोध पत्र भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों और सामाजिक यथार्थ के बीच मौजूद अंतर्संबंधों का समाजशास्त्रीय विश्लेषण प्रस्तुत करता है। स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूर्ण होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की परिकल्पना आर्थिक प्रगति, औद्योगिकीकरण, डिजिटलीकरण और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर आधारित है। किंतु यह अध्ययन इस तथ्य पर प्रकाश डालता है कि तीव्र आर्थिक विकास के बावजूद आय, शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता, क्षेत्रीय असंतुलन तथा सामाजिक वर्गों के बीच विषमता बनी हुई है। शोध में यह विश्लेषित किया गया है कि आर्थिक नीतियाँ किस प्रकार कुछ वर्गों और क्षेत्रों को अधिक लाभ पहुँचाती हैं, जबकि वंचित समुदाय अपेक्षित विकास से वंचित रह जाते हैं। साथ ही, यह शोध समावेशी विकास, सामाजिक न्याय और समान अवसरों की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जिससे आर्थिक वृद्धि के लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुँच सकें। अंततः यह अध्ययन निष्कर्ष प्रस्तुत करता है कि “विकसित भारत@2047” की संकल्पना तभी सार्थक होगी जब आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक विषमता को कम करने हेतु प्रभावी और संवेदनशील नीतियाँ अपनाई जाएँ।
