Abstract
शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों में अनाथ बच्चों के सामाजिक समावेशन की संभावनाएँ और चुनौतियाँ
Author : रमेश चंद एवं प्रो. सुनील कुमार
Abstract
भारत जैसे विविधतापूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य वाले देश में अनाथ बच्चों का समाज में समावेशन एक अत्यन्त महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील विषय है। विशेष रूप से जब बात शिक्षा की होती है, तो अनाथ बच्चों के लिए यह अवसर केवल ज्ञानार्जन का नहीं, अपितु आत्म-सम्मान, सामाजिक स्वीकार्यता एवं समावेशिता का मार्ग बन जाता है। प्रस्तुत शोध में शिक्षक शिक्षा कार्यक्रमों की भूमिका का विश्लेषण किया गया है, जो अनाथ बच्चों के सामाजिक समावेशन को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने में सहायक सिद्ध हो सकते हैं। शोध में यह पाया गया कि वर्तमान शिक्षक प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में समावेशी शिक्षा की अवधारणाओं की स्पष्ट एवं व्यवस्थित प्रस्तुति का अभाव है, जिससे प्रशिक्षित शिक्षकों में संवेदनशीलता एवं व्यावहारिक दक्षताओं की कमी परिलक्षित होती है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक कलंक, पारिवारिक विहीनता, मानसिक आघात, संसाधनों की न्यूनता और संस्थागत उदासीनता जैसी चुनौतियाँ भी समावेशन में बाधक बनती हैं। यद्यपि कुछ शासकीय व गैर-शासकीय संस्थाएँ इस दिशा में कार्यरत हैं, परन्तु व्यापक परिवर्तन के लिए शिक्षक शिक्षा संस्थानों में नैतिक मूल्य, सह-अस्तित्व की भावना तथा सामाजिक न्याय पर आधारित प्रशिक्षण को अनिवार्य बनाया जाना चाहिए। यह शोध शिक्षक शिक्षा को सामाजिक पुनर्निर्माण का माध्यम मानते हुए समावेशी दृष्टिकोण के उन्नयन की दिशा में एक प्रयास है।
