Abstract
भारतीय ज्ञान परम्परा में सूर्य विमर्शः ऋग्वेद के विशेष सन्दर्भ में
Author : डा0 अतुल कुमार पाण्डेय
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भारतीय ज्ञान परम्परा ज्ञान राशियों का विपुल संग्रह है जो भारतीय मनीषियों ऋषियों द्वारा गंभीर अनुसंधान एवं सत्यापन के बाद समाज के विकास हेतु उपलब्ध कराया। वेद भारतीय ज्ञान परम्परा के प्राचीन स्रोत हैं। इस परम्परा में समाज, राजनीति, अर्थशास्त्र के साथ-साथ वैज्ञानिक विषयों पर भी प्रचुर मात्रा में प्रमाणिक विमर्श किया गया है। ऋग्वेद में ब्रह्माण्ड की सीमा आकाशगंगा और सूर्य के विषय में व्यापक रूप से बताया गया है, सूर्य को ऊर्जा एवं प्रकाश का स्रोत बताया गया है और वर्णन है कि सूर्य के चारों तरफ पृथ्वी चक्कर लगाती है। ऋग्वेद में सूर्य ग्रहण एवं चन्द्र ग्रहण का वर्णन मिलता है। यहाँ तक सूर्य के प्रकाश की चाल का आंकलन भी किया गया है। सूर्य की पराबैगनी किरणें एवं ओजोन परत आदि का वर्णन भी किया गया है।
