Abstract

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धार्मिक पर्यटन और रोजगार सृजन का पर्याय बनता वैदिक शहर नैमिषारण्यः एक सर्वेक्षण

Author : Priyanka Bharti, Dr. Sunil Kumar Niranjan, Dr. Gagan Kumar & Dr. Swarnim Ghosh

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पर्यटन की दृष्टि से ‘भारत के सांस्कृतिक हृदय स्थल’ के रूप में विख्यात उत्तर प्रदेश एक महत्वपूर्ण राज्य है, इस तथ्य में कोई अतिश्योक्ति नहीं क्योँकि इस विषय पर किये गये शोध, संख्यात्मक आंकड़े, साक्ष्य और सदर्भित साहित्यिक सरकारी-अर्द्ध सरकारी दस्तावेज इस तथ्य की पुष्टि करते हैं कि यहाँ न केवल ऐतिहासिक, सांस्कृतिक वरन धार्मिक पर्यटन के भी कई अवसर व्याप्त हैं और अपार संभावनाओं के साथ यह क्षेत्र राज्य के लिए एक महत्वपूर्णं आर्थिक और सामाजिक संसाधन भी है| इस दृष्टि से प्रस्तुत शोध-पत्र जनपद-सीतापुर के गोमती नदी के किनारे स्थित पुराणों में वर्णित पवित्र और प्राचीन पर्यटन स्थल नैमिषारण्य में रोजगार की संभावनाओं की खोज से सम्बंधित है, जो न केवल इस बात पर प्रकाश डालती है कि उत्तर प्रदेश सरकार नैमिषारण्य में पर्यटन उद्योग के विकास के लिए क्या योजनायें बना रही है बल्कि इस तथ्य का भी संधान करने का प्रयास करती है कि आगामी वर्षों में कैसे इन योजनाओं से रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी की जा सकती है| प्रस्तुत शोध-पत्र उन विभिन्न तरीकों पर प्रकाश डालने का प्रयास करता है जिनके माध्यम से सांस्कृतिक-धार्मिक पर्यटन, नैमिषारण्य की अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव का अध्ययन करके राज्य की समृद्धि में योगदान देने के साथ-साथ राष्ट्र की आर्थिकी को भी मजबूती प्रदान करता है|